कृपा जिनकी मेरे ऊपर,तेवर भी उन्हीं का वरदान है शान से जीना सिखाया जिसने, “महाँकाल” उनका नाम है.

महाकाल कि महेफील में बैठा कीजिये साहब, बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।

जिन्दगी एक धुआँ हैं जाने कहा थम जायेगा, कर ले मेरे महाकाल की भक्ति जीवन सफल हो जायेगा

परवाना हूँ उज्जैन की शाम का दीवान हूँ महाकाल नाम का। जय श्री महाकाल।

Har Har Mahadev